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हवन यज्ञ से होती है तन मन की शुद्धि = नवजीत भारद्वाज

जालंधर (संदीप ): अग्नि पुरातन काल से ही भारतीय संस्कृति में पूजनीय है अग्नि को साक्षी मानकर किया गया कोई भी कार्य स्वीकार्य रहा है प्राचीन काल में तो गुरुजन लोगों को अग्नि से वीर एवं शस्त्र उत्पन्न कर सेवकों का कल्याण किया करते थे । हवन यज्ञ को धार्मिक अनुष्ठानों में भगवान का स्वरूप माना जाता है, भक्तों ने इसीलिए अग्नि को नारायण भगवान तक कहा है । लमां पिंड चौक से जंडू सिंघा रोड पर स्थित गुलमोहर सिटी में स्थापित मां बगलामुखी धाम के संचालक एवं संस्थापक नवजीत भारद्वाज ने हवन यज्ञ में आए हुए सभी मां भक्तों से अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि ज्योति को भी हवन यज्ञ का प्रतीक माना जाता है बोलिए “अग्नि भगवान की जय” कहते हुए हवन यज्ञ में आहुतियां डालकर शुद्ध विचारों को ग्रहण करना चाहिए।इस अवसर पर आज के हवन यज्ञ मे मुनीश शर्मा, पी एस डोगरा, मन्नत भारद्वाज,श्रीकंठ जज,दिनेश बहल, रानी सरीन, निर्मल शर्मा, गुलशन शर्मा, मोनिका बहल, इंदु खनना,मुकेश चौधरी, गुरबाज सिंह, गौरव कोहली,विनोद खनना, सूरज, ओंकार सिंह, स बलजिंदर सिंह, रजिंदर सहगल,ठाकुर बलदेव सिंह, गौरव छाबड़ा, संजीव शर्मा, बलदेव शर्मा, महिंदर पाल चोपड़ा, मोहित बहल, वावा सुरेंद्र सिंह, , कुलदीप तूली, अनू सोंधी, निशांत चावला,रजेंदर सहगल, अमरजीत सिंह, पंकज, अभिलक्षय चुघ, दिवाकर भारद्वाज, सुनील जगगी ,आदितय,विजय गरोवर,बिलला,बीरा, पं पिंटू शर्मा ,पं अविनाश गौतम सहित भारी संखया में मां भक्त मौजूद थे।

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