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टर्बन उतारकर किसी भी कीमत पर काम नहीं करूंगा: मनजोत सिंह

After diljit dosanjh now dream girl actor manjot singh says i will never work in films that make fun of sardars

‘ओये लकी लकी ओये’, ‘उड़ान’, ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’, ‘फुकरे’, ‘अजहर’, ‘सोन चिड़िया’ जैसी कई फिल्मों में अपनी दमदार अदाकारी से किरदारों में जान फूंकने वाले बेहतरीन अभिनेता मनजोत सिंह ने नवभारतटाइम्स डॉट कॉम से हुई खास बातचीत में कहा कि वह भले 2 साल में एक फिल्म में काम कर लेंगे, लेकिन किसी भी हालत में किसी भी ऐसी फिल्म में काम नहीं करेंगे, जिसमें सरदारों का, उनकी पहचान का मजाक बनाया जाएगा या फिर किसी रोल के लिए उन्हें पग उतारने के लिए कहा जाएगा। बता दें, हाल ही में पंजाब के सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ ने भी सरदारों का मजाक उड़ाने वाली फिल्मों पर निशाना साधा था, अब मनजोत ने भी इस मुद्दे पर खुलकर बात की है।

चाहता हूं कि सरदारों को लेकर बॉलिवुड में जो सोच बन गई है, वह टूटे

मनजोत कहते हैं, ‘मुझे जो भी निर्देशक-निर्माता अपनी फिल्मों के लिए अप्रोच करते हैं, वह मेरा पिछला काम देखकर करते हैं। मैंने अब तक कोई भी ऐसा काम नहीं किया है, जिसका मजाक बनें। मैं चाहता हूं कि सरदारों को लेकर बॉलिवुड में जो सिर्फ हंसी-मजाक की सोच बन गई है, वह टूटे। यह धारणा बन गई है कि कोई भी सरदार सीरियस चीज नहीं कर सकता है, सरदार को देखते ही हंसने-हंसाने की बात ठीक नहीं है।’

‘सरदार भी सामान्य लोगों की तरह प्यार करते हैं, उनका भी दिल टूटता है, उनके भी बच्चे होते हैं। वैसे धीरे-धीरे यह धारणा बदल रही है। मेरी पहली फिल्म ओये लकी लकी ओये में भी मैंने फिल्म के हीरो अभय देओल के बचपन का रोल प्ले किया था। ऐसा नहीं था कि स्क्रीन पर दिखाई देते ही बैकग्राउंड में बल्ले-बल्ले की धुन नहीं बज रही थी।’

‘मेरे घरवालों ( माता-पिता ) ने शुरू से ही मुझे यह सिखाया है कि कोई भी ऐसा काम नहीं करना, जिससे अपनी पहचान का, सरदारों का, कौम का कोई भी मजाक बनाया जाए। मैं ध्यान रखता हूं कि कभी भी कोई ऐसी लाइन, सीन और डायलॉग न बोलूं, जिसमें सरदारों का और उनकी पहचान यानी पग ( सरदारों की पगड़ी ) का मजाक बनाया जाए।’

इसका मतलब यह नहीं है कि हमारा मजाक उड़ाया जाए

‘मुझे लगता है सरदारों का दिल बहुत बड़ा होता है, वह हर काम दिल खोल कर करते हैं, खुद खुश रहते हैं और लोगों को भी खुश रखते हैं, शायद सरदारों की इसी बात को लोगों ने अलग सोच से लेकर मजाक बनाना शुरू कर दिया है। लोगों को लगने लगा कि इनको मजाक करना आता है, इनका मजाक उड़ाओ। हम दिल के खुले जरूर हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि लोग हमारा मजाक उड़ाएं।’

अपनी कौम की पहचान पर मजाक करना मेरी परवरिश में नहीं

‘फिल्म फुकरे के बाद जब मेरा नाम बड़ा हुआ, तब बहुत सी ऐसी कहानियां आईं, जिनमें फॉरवर्ड होने वाले सरदारों के जोक्स को मिला-जुला कर स्क्रिप्ट सुनाई गई… मैं सभी कहानियां इत्मीनान से पूरी सुनता था और बाद में इज्जत के साथ कहानी सुनाने वाले को फिल्म के लिए इनकार कर देता था। मैं कहता हूं लोगों को खूब हंसाओं, लेकिन स्क्रीन पर अपने कौम की पहचान पर जोक्स कर लोगों को हंसाना मेरी परवरिश में नहीं है।’

सरदार था इसलिए मुझे पहली फिल्म मिली, अब उसी पहचान का मजाक नहीं बनने दूंगा

‘सरदारों के मजाक उड़ाने वाली कहानी के लिए चाहे मुझे कितना भी बड़ा रोल मिल रहा हो, भारी-भरकम पैसे मिल रहे हों, बड़ा प्रॉडक्शन हाउस हो, बड़े-निर्माता या निर्देशक हों, मैं कभी भी काम नहीं करूंगा। जिस पहचान के दम पर मुझे फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री मिली है, मैं अपनी उसी पहचान का मजाक नहीं बनने दूंगा। कॉमिडी सिचुएशनल होनी चाहिए। अब स्क्रीन पर सरदार के आते ही बल्ले-बल्ले की धुन बजना और फॉरवर्ड जोक्स का इस्तेमाल कर हंसाना कॉमिडी नहीं है।’

लोग भूल गए हैं कि इस पग को पहनने वालों ने कितना सैक्रफाइज किया है

‘शायद लोग भूल गए हैं कि इस पग को पहनने वालों ने कितना संघर्ष और सैक्रफाइज किया है। 12 बजे की बात होती है तो सरदारों पर मजाक, अरे आप पहले समझने की कोशिश तो करिए कि यह 12 बजे वाली बात आई कहां से? कहानी अलग है, सरदार रात को 12 बजे लोगों को बचाने, उनकी सुरक्षा के लिए बाहर निकलते थे, लेकिन यहां कहानी अलग बन गई, गंभीर बात को मजाक बना दिया गया।’

सरदार नजर आ जाए तो लड़कियां बहुत सेफ महसूस करती हैं

‘मुझे कई लड़कियों ने कहा है कि जब वह रात के अकेले में डर रही होती हैं, लेकिन आस-पास कोई सरदार नजर आ जाए तो बहुत सेफ महसूस करती हैं। मैंने अपनी लाइफ में न कभी देखा है और न ही सुना है कि किसी सरदार ने कभी भी कोई गलत हरकत की हो। इसी बात के लिए सरदारों को जाना जाता है।’

धर्म के सम्मान के लिए दर्जनों फिल्में छोड़नी पड़ें तो कोई हर्ज नहीं

‘अगर मैं अपने धर्म का सम्मान कर रहा हूं और इसके लिए मुझे दर्जनों फिल्में छोड़नी पड़ें तो कोई हर्ज नहीं है। मैं 2 साल में एक फिल्म भी कर लूंगा तो बहुत है। मैं अपनी, अपने धर्म और अपने पहचान की बेइज्जती करवा कर ऐश-आराम से पैसे कमाने वाला काम नहीं करूंगा। कब तक होगा ऐसा काम। बाद में लोग भी ऊब जाएंगे।’

न तो पग उतारूंगा, न ही कोई विग पहनूंगा

‘मुझे बहुत बार कई बड़े निर्देशकों और फिल्म मेकर्स ने पग उतारकर काम करने के लिए अप्रोच किया, लेकिन मैंने साफ इनकार कर दिया, मुझे कई लोगों ने पग की जगह विग पहन कर काम करने की सलाह दी थी, लेकिन मैंने तय कर लिया था कि मैं अपनी पहचान साथ ही काम करूंगा। न तो पग ( turban ) उतारूंगा, न ही किसी तरह का कोई विग पहनूंगा। जो भी काम करूंगा पग के साथ ही करूंगा।’

मनजोत की अगली फिल्म ‘ड्रीम गर्ल’ है, सोमवार को मुंबई में फिल्म का ट्रेलर रिलीज़ किया गया। इस मौके पर पूरी टीम मौजूद रही फिल्म में मनजोत के अलावा आयुष्मान खुराना और नुसरत बरूचा मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म में अन्नू कपूर, विजय राज, सुमोना चक्रवर्ती, राजेश शर्मा, निधि बिष्ट जैसे दिग्गज कलाकार भी नजर आएंगे। यह फिल्म 13 सितंबर को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी

 

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