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पंजाब के पुलिस मुलाजिम भी नशे की दलदल में,डोप टेस्ट में हुए चौंकाने वाले खुलासे

Police Personnel Also In The Quagmire Of Intoxication

पंजाब पुलिस को नशा मुक्त करने के लिए छेड़े गए अभियान के अंतर्गत शुरू किये गए डोप टेस्ट के दौरान मुलाजिम फेल हो रहे हैं । ‘उड़ता पंजाब’ की उड़ान पर विराम लगाने में जुटी पंजाब पुलिस के कुछ मुलाजिम नशे की दलदल मे फंस चुके हैं। 

आधुनिक हथियारों से सुसज्जित पंजाब पुलिस के मुलाजिमों की रग-रग में नशा रच बस चुका है। इसकी पुष्टि डोप टेस्ट से हो रही है। डोप टेस्ट में 50 प्रतिशत पुलिस मुलाजिम पॉजिटिव पाए गए हैं, यानी वे किसी न किसी रूप में नशे का सेवन करते हैं।

दरअसल, अमृतसर रूरल पुलिस में कार्यरत 100 पुलिस कर्मचारियों का डोप टेस्ट सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थित स्वामी विवेकानंद नशा मुक्ति केंद्र मे करवाया जा रहा है। संदेह है कि ये पुलिस मुलाजिमों नशे की दलदल में फंस चुके हैं।

 पिछले एक सप्ताह में इनमें से 30 मुलाजिमों का डोप टेस्ट किया जा चुका है। इनमें से 15 मुलाजिम पॉजिटिव   पाए गए हैं। इन पॉजिटिव मुलाजिमों के यूरिन में मॉरफिन की मात्रा पाई है। इससे साफ है कि ये अफीम या स्मैक का सेवन करते हैं। नशा मुक्ति केंद्र ने इस मुलाजिमों की रिपोर्ट जारी कर दी है। दूसरी तरफ पुलिस विभाग इन कर्मचारियों को नशे के सुरूर से निकालने मे जुट गया है।

नशा छोड़ने को एक मौका
जिन 15 पुलिस मुलाजिमों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, एसएसपी(देहाती)बिक्रम जीत सिंह दुग्गल ने इनको नशे से दूर रहने का एक और मौका दिया है। इन पुलिस कर्मियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए ओथ सेंटरों से उपचार प्रक्रिया शुरू करवाई जाएगी। एसएसपी के अनुसार पुलिस लाइन में योग कक्षाएं लगेंगी। इन्हें मेडिटेशन भी करवाया जाएगा।

इसके अलावा डोप टेस्ट में धांधली करने का प्रयास करने वाले पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पंजाब पुलिस के पास आधुनिक हथियार हैं, इसलिए यह अत्यावश्यक है कि इनका डोप टेस्ट करवाकर पता लगाया जाए कि कौन-कौन नशा सेवन के आदी हैं।

पुलिस मुलाजिमों का डोप टेस्ट करने के बाद उसकी रिपोर्ट जारी की जा रही है। यह रिपोर्ट मुलाजिम के साथ आए इंस्पेक्टर को सौंपी जा रही है। इसके बाद इंस्पेक्टर द्वारा यह रिपोर्ट एसएसपी को दी जाती है।
डॉ राजीव अरोड़ा,नशा मुक्ति केंद्र के इंचार्ज  

बीते सप्ताह डोप टेस्ट को चकमा देने के लिए सिक्योरिटी ब्रांच में कार्यरत कुलविंदर सिंह नामक एक कर्मचारी अपने घर से अपनी पत्नी का यूरिन सैंपल लेकर नशा मुक्ति केंद्र पहुंच गया था। जैसे ही स्टाफ ने सैंपल किट में रखा, मशीन ने इंडीगेशन दे दिया कि यह सैंपल गलत है।

यह मुलाजिम अपने घर से ही यूरिन सैंपल लाया था, इसलिए यह ठंडा था।मशीन ने इंडीगेशन दिया कि यह सैंपल ताजा नहीं है। इस सैंपल की रिपोर्ट भी नैगेटिव आई। स्टाफ ने इस मुलाजिम का सैंपल अपनी निगरानी में लिया और पुन: डोप टेस्ट किया।

इस बार उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। एसएसपी रूरल विक्रमजीत दुग्गल ने इस मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए कुलविंदर को सस्पेंड कर दिया था।

पंजाब पुलिस को नशा मुक्त करने के लिए छेड़े गए अभियान के अंतर्गत शुरू किये गए डोप टेस्ट के दौरान मुलाजिम फेल हो रहे हैं । ‘उड़ता पंजाब’ की उड़ान पर विराम लगाने में जुटी पंजाब पुलिस के कुछ मुलाजिम नशे की दलदल मे फंस चुके हैं। 

आधुनिक हथियारों से सुसज्जित पंजाब पुलिस के मुलाजिमों की रग-रग में नशा रच बस चुका है। इसकी पुष्टि डोप टेस्ट से हो रही है। डोप टेस्ट में 50 प्रतिशत पुलिस मुलाजिम पॉजिटिव पाए गए हैं, यानी वे किसी न किसी रूप में नशे का सेवन करते हैं।

दरअसल, अमृतसर रूरल पुलिस में कार्यरत 100 पुलिस कर्मचारियों का डोप टेस्ट सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थित स्वामी विवेकानंद नशा मुक्ति केंद्र मे करवाया जा रहा है। संदेह है कि ये पुलिस मुलाजिमों नशे की दलदल में फंस चुके हैं।

 पिछले एक सप्ताह में इनमें से 30 मुलाजिमों का डोप टेस्ट किया जा चुका है। इनमें से 15 मुलाजिम पॉजिटिव   पाए गए हैं। इन पॉजिटिव मुलाजिमों के यूरिन में मॉरफिन की मात्रा पाई है। इससे साफ है कि ये अफीम या स्मैक का सेवन करते हैं। नशा मुक्ति केंद्र ने इस मुलाजिमों की रिपोर्ट जारी कर दी है। दूसरी तरफ पुलिस विभाग इन कर्मचारियों को नशे के सुरूर से निकालने मे जुट गया है।

नशा छोड़ने को एक मौका
जिन 15 पुलिस मुलाजिमों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, एसएसपी(देहाती)बिक्रम जीत सिंह दुग्गल ने इनको नशे से दूर रहने का एक और मौका दिया है। इन पुलिस कर्मियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए ओथ सेंटरों से उपचार प्रक्रिया शुरू करवाई जाएगी। एसएसपी के अनुसार पुलिस लाइन में योग कक्षाएं लगेंगी। इन्हें मेडिटेशन भी करवाया जाएगा।

इसके अलावा डोप टेस्ट में धांधली करने का प्रयास करने वाले पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पंजाब पुलिस के पास आधुनिक हथियार हैं, इसलिए यह अत्यावश्यक है कि इनका डोप टेस्ट करवाकर पता लगाया जाए कि कौन-कौन नशा सेवन के आदी हैं।

पुलिस मुलाजिमों का डोप टेस्ट करने के बाद उसकी रिपोर्ट जारी की जा रही है। यह रिपोर्ट मुलाजिम के साथ आए इंस्पेक्टर को सौंपी जा रही है। इसके बाद इंस्पेक्टर द्वारा यह रिपोर्ट एसएसपी को दी जाती है।
डॉ राजीव अरोड़ा,नशा मुक्ति केंद्र के इंचार्ज  

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