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यदि मलीन कार्य करने का कोई केस सामने आता है तो उस परिवार को तुरंत राहत दी जाये । अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर

जालंधर (एस के वर्मा ): मलीन कार्य करने वाले परिवारों को इस पेशे से छुटकारा दिलाने की बात दोहराते हुए अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर (ज) जसबीर सिंह ने कहा कि यदि इससे संबंधित कोई भी केस सामने आता है तो उस मामले में तुरंत राहत दिलाई जाये ज़िला प्रशासकीय कांपलैक्स के मीटिंग हाल में कमिश्नर नगर निगम करनेश शर्मा और अन्य आधिकारियों के साथ हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि मलीन कार्य करने वाले परिवारों को इस पेशे से छुटकारा दिलाने के लिए प्रोहिबेशन ऑफ इम्प्लायमैंट एज मैन्युल सकवेनज़र एंड रेहैबलीटेशन एक्ट 2013 ( एमएस एक्ट 2013) लागू किया गया है।उन्होनें बैठक में मौजूद आधिकारियों को आदेश दिए कि यदि कोई ऐसा केस सामने आता है तो उनको तुरंत राहत दिलाई जाये। उन्होंने पंजाब अनुसूचित जाती, भूमि विकास और वित्त निगम के ज़िला मैनेजर को निर्देश दिया कि यदि कोई ऐसा केस मिलता है, तो उनको कर्ज़े की राशि उपलब्ध करवाई जाये जिससे वह इस पेशे से मुक्त हो कर नया पेशा शुरू कर सकें।अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ने नगर निगम के आधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर निगम के जो मुलाजिम शहर की सफ़ाई का काम करते हैं, उन कर्मचारियों को मैनुअल सकवेनज़र अधीन लाभ दिए जाएं और सफ़ाई कर्मचारियों को सफ़ाई करने का सारा सामान उपलब्ध करवाया जाये।अनुसूचित जातियों और अनुसूचित कबीलों (अत्याचार रोकथाम एक्ट) 1989 के अंतर्गत पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा देने के लिए हुई एक अलग बैठक, जिसमें ज़िला अटार्नी, पुलिस कमिश्नर कार्यालय, एसएसपी कार्यालय के अधिकारी शामिल थे, की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर (ज) ने कहा कि ज़िला अटार्नी और पुलिस विभाग की तरफ से ज़िला जालंधर के अलग-अलग थानों में दर्ज मुकदमों और अलग -अलग अदालतों में चल रहे मामलों का जल्द निपटारा किया जाये और पीड़ित परिवारों को बनता मुआवज़ा दिया जाये।बैठक में रीजनल डिप्टी डायरैक्टर स्थानीय सरकार जालंधर दरबारा सिंह और ज़िला सामाजिक न्याय और अधिकारिता अधिकारी लखविन्दर सिंह और अन्य उपस्थित थे।

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