
Punjabi translation of Indian Education Vision prepared by Vidya Bharati Punjab! Educationists will benefit
भारतीय शिक्षा दृष्टि का पंजाबी में अनुवाद विद्या भारती पंजाब द्वारा तैयार
प. पू. सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत जी द्वारा 2010-2020 तक शिक्षा के क्षेत्र में दिये गये सम्बोधनों का संग्रह श्रीमान रवि जी द्वारा “भारतीय शिक्षा दृष्टि ” में किया गया है!विद्या भारती पंजाब के संपर्क विभाग द्वारा इस पुस्तक का पंजाबी में अनुवाद किया गया है, जो कि शीघ्र ही आकाशवाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है!इसकी अग्रिम कॉपी का अवलोकन करते विद्या भारती पंजाब के संगठन मंत्री श्रीमान राजेंद्र जी….


अनुराग ठाकुर जी ने इस पुस्तक हेतु अपना संदेश देते हुए कहा है कि विद्या भारती भारत की संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने में विशिष्ट योगदान दे रही है।वसुधैव कुटुंबकम, अहिंसा, विश्व शांति और साहचर्य जैसे सिद्धांतों पर आधारित भारत की प्राचीन और सनातन शिक्षा परंपरा आक्रमणों और षड्यंत्रों के बावजूद संरक्षित रही। स्वतंत्रता के बाद भी इसे कमजोर करने के प्रयास हुए, किंतु राष्ट्रनिष्ठ संत-मनीषियों ने इसे सहेजने और अगली पीढ़ियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।विद्या भारती भारत की प्राचीन और सनातन शिक्षा परम्परा को साधारण जनमानस तक सफलता पूर्वक पहुंचा रही है |
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी ने इस पुस्तक हेतु अपना संदेश देते हुए कहा है कि विद्या भारती के विद्यालय राष्ट्र भक्ति से ओत-प्रोत नवीन पीढ़ी का निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य तो कर ही रहे हैं, साथ ही लोक शिक्षण के माध्यम से समाज को जागृत एवं सुसंस्कृत करने का कार्य भी सफलता पूर्वक कर रहे हैं!
शिक्षा की त्रिमूर्ति अर्थात् विद्यार्थी, अभिभावक और आचार्य के साथ-साथ यह पुस्तक शिक्षा के नीति निर्धारकों,प्रबंधकों, बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों के लिए दिशाबोध व प्रेरणा का स्रोत है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारत केंद्रित बनी है। उसके क्रियान्वयन में लगे शिक्षा के क्षेत्र के सभी घटकों के लिए भी इस पुस्तक की विषयवस्तु दिशा प्रदान करने वाली है|









