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बाबा अशोक कुमार, कनिष्क अग्रवाल कन्नू व अन्य साथीयों पर लगाये गंभीर आरोप
हम पर लगाये गए सभी आरोप झूठे व बेबुनियाद – कनिष्क अग्रवाल कन्नू
जालंधर कैंट, एच एस चावला।
श्री राम बाग मंदिर प्रबंधक कमेटी रहमानपुर दीपनगर जालंधर कैंट स्थानीय शिव भूमि राम बाग से संबंधित एकमात्र पंजीकृत (रजिस्टर्ड) बॉडी है। 2011 से रजिस्टर्ड संस्था के वर्तमान प्रधान बलबीर बाली ने प्रैस वार्ता में कहा कि स्थानीय शिव भूमि में इस समय कुव्यवस्थाओं, भ्रष्टाचार और तानाशाही का आलम चल रहा है। शिवभूमि पर काबिज अशोक कुमार, उसके साथ कनिष्क अग्रवाल कन्नू, व अन्य साथी इस समय शिवरात्रि पर्व से ठीक पहले एक बार फिर जनता को गुमराह करने के लिए राम बाग भूमि और शिव मंदिर का अवैध इस्तेमाल कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अशोक कुमार द्वारा पुरानी राम बाग कमेटी को तोड़ कर बनाई गई तथाकथित श्री राम बाग प्रबंधक कमेटी के जरिये कैंट के लोगों को पिछले 11 सालों से लूटा जा रहा है। विरोध करने वाले की आवाज को दबाते हुए उन्हें कैंट तक छोड़ देने को मजबूर कर दिया जाता है। बाली ने मंदिर में वर्ष 2021 में हुई शिवलिंग की बेअदबी का मामला उठाते हुए कहा कि अशोक कुमार के सरकारी भूमि पर लोगों के सहयोग से बने मंदिर पर अवैध कब्जे के दौरान ही कई बार चोरियां हुईं। 2021 में अज्ञात लोग चांदी से मढ़े शिवलिंग को ही उखाड़ कर ले गए। यही नहीं मंदिर में श्री राम बाग मंदिर प्रबंधक कमेटी के धार्मिक आयोजन को भी खंडित करते हुए रोक दिया। लेकिन आज तक पुलिस को लिखित शिकायतें दिए जाने के बावजूद अशोक कुमार और उनके सहयोगियों को पूछताछ तक के लिए भी नहीं बुलाया गया। जोकि पुलिस प्रशासन और कब्जाधारियों की सीधी-सीधी मिलीभगत है।
प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा दी गई शिकायत पर परागपुर चौकी के तत्कालीन प्रभारी जसबीर सिंह और एसीपी बब्बन सिंह ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले अशोक कुमार व उनके साथी खुलेआम घूम रहे हैं।
इस मौके पर बाली ने मंदिर में कुव्यवस्थाओं की पोल खोलते हुए कई तस्वीरें व वीडियो जारी की, जिसमें मंदिर की मूर्तियों के साथ गंदे कालीन, रखे हुए, मंदिर के टूटे गल्ले दिखाई दिेए। ुउन्होंने मंदिर का एक वीडियो भी जारी किया जिसमें भगवान शिव की मूर्ति के सामने रखे प्रसाद को कुत्ता खा रहा है। श्री राम बाग मंदिर प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने वीडियो की कॉपी स्थानीय पुलिस प्रशासन को देते हुए मंदिर में कुव्यवस्थाओं और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए आरोपी अशोक कुमार व उनके साथियों के खिलाफ बेअदबी की धारा 153 व 295 ए के तहत केस दर्ज करने की मांग भी की है। बाली ने कहा कि श्री राम बाग मंदिर प्रबंधक कमेटी को संत समाज समेत इलाके की तमाम धार्मिक समितियों का समर्थन प्राप्त है। वह मंदिर में संत समाज के माध्यम से विधिवत पूजा अर्चना शुरू करवाना चाहते हैं, लेकिन अशोक कुमार किसी भी सनातन संस्कृति का पालन नहीं होने दे रहा, जिससे तमाम कैंट वासियों में रोष व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि श्री राम बाग मंदिर प्रबंधक कमेटी की ओर से विधिवत रूप से पूजा शुरू करवाने के निवेदन पर आह्वान अखाड़ा के महंत समुद्रगिरी जी महाराज ने कमेटी को हर संभव सहयोग का समर्थन पत्र सौंपा हुआ है। वह इसे छावनी वासियो के जरिये लागू करवाएंगे।
बाली ने आरोप लगाया कि अशोक कुमार जोकि श्री राम बाग मंदिर प्रबंधक कमेटी के अस्तित्व को ही चुनौती देते हुए लोगों को गुमराह कर रहा है जबकि कई बार पुलिस व प्रशासन की ओर से बुलाए जाने के बावजूद वह अपनी तथाकथित कमेटी का कोई रिकॉर्ड नहीं दे पाया है। बावजूद उसके पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होती देख श्री राम बाग मंदिर प्रबंधक कमेटी ने सभी आरोपी पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है। बाली ने कहा कि आरोपी अशोक कुमार ने कमेटी पर कैंट के लोगों से राम बाग के नाम पर चंदा जुटाने के गंभीर आरोप लगाए थे, जबकि विश्व शांंति महायज्ञ के दौरान सारा आयोजन संस्था के सदस्यों की ओर से किया गया था। इस मौके पर उन्होंने अशोक कुमार की ओर से राम बाग के नाम पर खरीदे गए लोहे का बिल भी मीडिया को सामने लाते हुए दावा किया कि इस सरिये की हजारों रुपए की पेमेंट अभी तक संबंधित व्यापारी को नहीं की गई है। अशोक कुमार राम बाग के नाम पर लोगों को लाखों का चूना लगा रहा है। और हर साल महाशिवरात्रि पर्व पर चढ़ावे के रूप में आने वाले लाखों रुपए का गबन किए हुए है। वह वहां किसी भी प्रबंध का कोई ब्यौरा किसी से साझा नहीं कर रहा, जिस वजह से वह यह मुद्दा उठाने को मजबूर हुए हैं। कैंट के तमाम धर्म प्रेमियों व संस्थाओं से अनुरोध किया कि वह श्री राम बाग मंदिर प्रबंधक कमेटी के समर्थन में खुल कर आगे आएं।
इस मौके पर कैंटबोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष व श्री राम बाग कमेटी के प्रधान सुरेश भारद्वाज ने कहा कि वह कमेटी में कैशियर के पद पर रहे अशोक कुमार की अनियिमितताओं संबंधी पहले ही प्रशासन को लिखित में बयान दे चुके हैं। लेकिन इस मामले में अशोक कुमार पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर उसने अपने ही रिश्तेदारों को शामिल कर फर्जी कमेटी बना ली। और उसी के नाम पर यह आजतक लोगों को गुमराह करता आ रहा है। इस मौके पर श्री राम बाग मंदिर प्रबंधक कमेटी के चेयरमैन संजीव भारद्वाज, वरिष्ठ उप प्रधान बलदेव अटवाल, उप प्रधान महासचिव राजीव भारद्वाज, पूर्व पार्षद संजीव त्रेहन, चरणजीत सिंह चड्ढा, भारत भूषण सेखरी, ने सुरेश भारद्वाज व श्री राम बाग कमेटी के सचिव एडवोकेट विनोद गोयल को एक मांग पत्र भी सौंपा जिसमें मांग की गई है कि उनकी कमेटी जोकि लोगों को शमशान भूमि में रियायती दाम (2500 रुपए प्रति 9 मन) पर ईंधन उपलब्ध करवाना चाहती है, इसकी इजाजत दी जाए। इस दौरान सुरेश भारद्वाज ने कहा कि वह कमेटी के प्रयासों की सराहना करते हैं और मिलकर राम बाग के नव निर्माण का प्रयास करेंगे। इस मौके पर औरों के अलावा समीर अग्रवाल, शुवम, मोहिंदर सूद, संजीव भारद्वाज, अभिषेक भारद्वाज आदि मौजूद थे।
जब इस सबंध में अशोक बाबा से बात करनी चाही तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया लेकिन कनिष्क अग्रवाल कन्नू से संपर्क होने से उन्होंने बताया कि हम पर लगाये गए सभी आरोप झूठे व बेबुनियाद हैं। कनिष्क अग्रवाल कन्नू ने कहा कि उनकी कमेटी 40-50 वर्षों से राम बाग़ में सेवा करती आ रही है, जिसे लेकर आज तक किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई लेकिन पिछले कुछ समय के दौरान यह स्वयं भू बनी कमेटी ने किन्तु परन्तु कर रही है जबकि इनका छावनी क्षेत्र में कोई वजूद नहीं है। इनका काम केवल व केवल लोगों को गुमराह करना है, जिसे इलाका निवासी भलीभांति जानते हैं।