दोषी निगम अधिकारियों की झूठ बोल सच्चाई छुपाने के पक्के सबूत विभाग के प्रमुख सचिव व पंजाब विजिलैंस के प्रमुख को भेजे- कुलदीपक सिंह

बिल्डिंग की बेसमैंट एन.ओ.सी व बेसमैट रैंप ग्रैड़ीएंट भी अवैध* नक़्शा पास करते समय जो फ़्रंट,रेअर,साइड पार्किंग एरिया कहा गया
नगर निगम कमिश्नर द्वारा दोषी अधिकारियों एवं मालिक को बचाने के प्रयास वाली कारवाई- कुलदीपक सिंह
2013 के नक़्शे पास की 2015/16 की स्ट्रक्चर सेफ़्टी NOC सर्टिफ़िकेट कहा, फ़ाइर विभाग, पलूशन विभाग की NOC नही और वॉटर हार्वेस्टिंग प्लांट कहां 
मामले से जुड़े नेता अधिकारियों व आर्किटेक्ट द्वारा मिलजुल कर चलाए जा रहे भ्रष्टाचार के खेल की फ़ाइल जनता के सामने लाई जाएगी
जालंधर 27 अक्टुबर( एस एस चाहल   )
नगर निगम द्वारा लाडोवाली रोड पर अवैध रूप से पांच मंज़िला बिल्डिंग के सिर्फ ऊपरी मंज़िल को सील पर नगर निगम की कारवाई पर पक्षपात का आरोप लगा शिकायतकर्ता कुलदीपक ने कहा निगम कमिश्नर करुनेश शर्मा समेत एम.टी.पी मेहरबान सिंह,ए.टी.पी रजिंदर शर्मा द्वारा किए गये भ्रष्टाचार के पैसे पचाने व दोषी अधिकारियों एवं मालिक को बचाने के प्रयास वाली कारवाई बताया।
जिसको लेकर बहुत जल्द सभी दोषी निगम अधिकारियों पर गाज गिरेगी क्युकी झूठ बोल  सरकारी नियम को तोड़ अवैध बिल्डिंग की सच्चाई छुपाई जा रही जिसके पक्के सबूत तथ्यों सहित लोकल बॉडी विभाग के प्रमुख सचिव व पंजाब विजिलैंस के प्रमुख को भेज दी गई है।कुलदीपक ने बताया निगम अधिकारी बताए कि इस अवैध बिल्डिंग का चेंज ऑफ लैंड यूज़ 33.6 या 59.6 इंच के हिसाब से हुआ उसका नक़्शा पास करते समय जो फ़्रंट,रेअर,साइड पार्किंग एरिया बताया गया था क्या मौक़े पर उतना मौजोद है।इस अवैध बिल्डिंग की बेसमैंट की एन.ओ.सी आस पड़ोस वालो से लिखित रूप से ली है तो बताए क्या मौक़े पर बेसमैट रैंप ग्रैड़ीएंट  नियम के अनुसार है।
इतना ही नही फ्लोर एरिया रेशो की भी पूरी तरह धज्जियाँ उड़ाई गई है।कुलदीपक ने बताया कि निगम अधिकारी पुरी तरह बिल्डिंग को छह साल पुरानी बता झूठ बोल रहे जिस को लेकर उनकी पोल खुल गई है क्युकी 2013 के नक़्शे पास की 2015/16 की स्ट्रक्चर सेफ़्टी एन.ओ.सी सर्टिफ़िकेट नही दिखाया गया है।अगर निगम अधिकारी झूठी रिपोर्ट तैयार करेंगे तो बिल्डिंग स्ट्रक्चर एक्स्पर्ट से जांच करवाई जाएगी जो निगम अधिकारियों के छह साल पुरानी बिल्डिंग होने वाले झूठ की पोल खोलेगी।
कुलदीपक ने अंत मे बताया कि निगम अधिकारियों ने जो बिल्डिंग बनाने वाले  मालिक को u/s 269/270 के नोटिस दिए थे उस पर भी स्तिथि स्पष्ट करते हुए मत भूले की फ़ाइर विभाग,पलूशन विभाग की एन.ओ.सी मौजोद नही है और मौक़े पर वॉटर हार्वेस्टिंग प्लांट कहां लगा है।इसलिए इस मामले मे निगम कमिश्नर,एम.टी.पी,ए.टी.पी समेत सभी दोषी अधिकारी भी तैयार रहे जिन्होंने भ्रष्टाचार कर आर्किटेक्ट व बिल्डिंग मालिक से साथ मिलकर क़ानून तोड सरकार को करोड़ों रुपय का नुक़सान पहुँचाया और भ्रष्टाचार एवं एक मंज़िल का घर दुकान बनाने वाले आम शहर वसियों की समय-समय पर बिल्डिंग सील व गिराकर जो धक्केशाही की है।उसके ख़िलाफ़ बहुत बड़ा जनंआंदोलन खड़ा कर इस मामले से जुड़े नेता अधिकारियों व आर्किटेक्ट द्वारा आपस मे मिलजुल कर चलाए जा रहे भ्रष्टाचार के खेल की बहुत बढ़ी फ़ाइल जनता के सामने लाई जाएगी।